भास्कर न्यूज24/वीरेन्द्र भारद्वाज/दल्लीराजहरा। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में प्रथम हॉस्पिटालिटी प्रशिक्षण केंद्र, अंजोरा में विभिन्न आयोजन किया गया। फ़ूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग कोर्स, मल्टीफंक्शनल ऑफिस असोसिएशन, के छात्राओं ने पोस्टर पेंटिंग किये, युवा छात्रों द्वारा रचनात्मक अभिव्यक्ति आदिवासी संस्कृति पर प्रकाश डाला, जिसमें वंचित, ग्रामीण, जनजातीय जनसमुदाय संस्कृति को विशेष ध्यान देकर पोस्टर बनाकर प्रदर्शित कीये। छात्राओ ने कलाकृतियों हुनर से छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति सभी के समक्ष रखा। छात्राओं को विश्व आदिवासी का महत्व समझाते हुये केंद्र प्रमुख सुभाष डोंगरे ने कहाँ की विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया की स्वदेशी आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देना है। 9 अगस्त 1995 में पहला विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। इस अवसर प्रथम हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण केंद्र अंजोरा के टेक्निकल ट्रेनर हेमन्त कुमार दास , काउंसलर हिरमत साहू, एडमिन नेहा टेमभरे, सुभाष डोंगरे और उद्योमिता विकास कार्यक्रम से भोजराम साहू एवं नवल किशोर चंद्राकर एवं 21 छात्रछात्रायें उपस्थित रहे।Post navigationसिलिका रिडक्शन प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिकों को तीन माह से नहीं मिल रहा है वेतन, तत्काल भुगतान करें बीएसपी प्रबंधन_ मुश्ताक अहमद( सांसद प्रतिनिधि) शासकीय नेमीचंद जैन महाविद्यालय दल्लीराजहरा में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि जायसवाल के सहयोग से पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर द्वारा संचालित दूरवर्ती पाठ्यक्रम के लिए अध्ययन केंद्र घोषित।