भास्कर न्यूज़ 24/ वीरेंद्र भारद्वाज /दल्लीराजहरा । डौंडीलोहारा क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया ने संसद में हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष की एकजुटता ने लोकतंत्र और महिला अधिकारों की रक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रस्तुत प्रस्तावित बिल वास्तव में महिला सशक्तिकरण के नाम पर देश के राजनीतिक और इलेक्टोरल ढांचे को बदलने का प्रयास था, जो सीधे तौर पर संविधान पर आक्रमण के समान था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को जानबूझकर वर्ष 2011 की जनगणना और उससे जुड़े परिसीमन के साथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वयं को महिलाओं का हितैषी प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, जो अंततः विफल रहा।विधायक श्रीमती भेड़िया ने कहा कि आज विपक्ष ने अपनी एकजुटता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है। यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि संविधान और जनता की आवाज़ को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि यह दिन लोकतंत्इतिहास में महत्वपूर्ण रूप से दर्ज किया जाएगा, जब जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर यह सुनिश्चित किया कि देशहित सर्वोपरि रहे और किसी भी परिस्थिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर न होने दिया जाए।विधायक भेड़िया ने सभी विपक्षी सांसदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए देश और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य किया। यह स्पष्ट संदेश है कि भारत में लोकतंत्र सर्वोपरि है और इसकी मजबूती के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा। Post navigationएसबीआई कियोस्क सेंटर संबलपुर में गबन, धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को डौण्डीलोहारा पुलिस द्वारा 24 घण्टे के अंदर किया गिरफ्तार। भाजयुमो महामंत्री नदीम बड़गुजर ने कांग्रेस पार्टी को बताया महिला विरोधी पार्टी।