भास्कर न्यूज़ 24/ वीरेंद्र भारद्वाज /बालोद- गुरुर । थाना गुरूर क्षेत्र में नवविवाहिता की फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतिका के पति, ससुर, सास और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि चारों आरोपी दहेज की मांग को लेकर मृतिका को लगातार प्रताड़ित करते थे।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 02 गुलमोहर कॉलोनी गुरूर में किराये के मकान में निवासरत 28 वर्षीय मीनाक्षी भतरिया ने 24 फरवरी 2026 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मीनाक्षी के पति प्रवीण कुमार भतरिया तहसील कार्यालय गुरूर में दैनिक वेतन भोगी आपरेटर के पद पर पदस्थ है। घटना के बाद थाना गुरूर में मर्ग क्रमांक 09/2026 धारा 194 बीएनएस कायम किया गया था।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने बारीकी से जांच के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में एसडीओपी माया शर्मा और थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने जांच शुरू की।जांच के दौरान मृतिका के मायके पक्ष पिता अजय खरे, मां पुष्पा बाई खरे, भाई अनिल कुमार व बहन माधवी खरे के बयान लिए गए। सायबर सेल की मदद से मृतिका और उसके पति के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही पति प्रवीण कुमार भतरिया, ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया और ननद करूणा भतरिया दहेज कम लाने, रंग-रूप और नौकरानी की तरह रहने की बात कहकर मीनाक्षी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर मीनाक्षी ने आत्महत्या कर ली।संपूर्ण मर्ग जांच में धारा 80(1), 80(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पाए जाने पर 07 जुलाई 2026 को थाना गुरूर में अपराध पंजीबद्ध किया गया।एसडीओपी माया शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को ग्राम पथर्रा, थाना भिलाई-3, जिला दुर्ग से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर मंगलवार को माननीय सीजेएम न्यायालय बालोद में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।गिरफ्तार आरोपी- 1. प्रवीण भतरिया पिता पग्गू लाल भतरिया, उम्र 37 वर्ष 2. पग्गू लाल भतरिया पिता स्व. तिजऊ राम भतरिया, उम्र 70 वर्ष 3. गीता भतरिया पति पग्गू लाल भतरिया, उम्र 60 वर्ष 4. करूणा चतुर्वेदानी पति तुलाराम चतुर्वेदानी, उम्र 40 वर्ष सभी निवासी ग्राम पथर्रा, थाना भिलाई-3, जिला दुर्गइस संपूर्ण कार्रवाई में एसडीओपी माया शर्मा, निरीक्षक मुकेश सिंह, सहा. उपनिरीक्षक कुलेश्वर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी, आरक्षक पिताम्बर निषाद, विवेक सिन्हा और कोमल साहू की सराहनीय भूमिका रही।Post navigationएल्डरमेन नियुक्ति में महिलाओं की उपेक्षा, भाजपा का महिला विरोधी चेहरा उजागर – रतिराम कोसमा