भास्कर न्यूज24/वीरेन्द्र भारद्वाज/ दल्लीराजहरा । नगर के समीपवर्ती ग्राम चिखली निवासी 18 वर्षीय युवती 9 अगस्त की रात 10 बजे सोने गई तो उसे अपने पैर पर कुछ काटे जैसा लगने पर अपनी माँ को बताया। माँ के देखने पर बिस्तर पर साँप रेंगता हुआ दिखाई दिया। युवती को साँप ने काटा है जानकर माँ रोने लगी तो आसपास के लोग इक्ट्ठा हुए एवं बैगा को बुलाकर झाड़ फूक करवाने लगे। झाड़ फूक के बाद युवती को पेट दर्द, उल्टी चालु हुआ । हालत गंभीर होता देख घर वालों ने युवती को रात 12 बजे के लगभग शहीद अस्पताल लेकर पहुँचे। अस्पताल पहुँचने तक मरीज की स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी थी। मरीज पसीने से लथपथ थी, उसे उल्टी, पेट दर्द बेचैनी, श्वांस लेने में परेशानी हो रही थी। मरीज को तुरन्त ऑक्सीजन लगाया गया और इंजेक्शन एन्टी स्नैक वेनम दिया गया। इसके बाद भी मरीज के हालत में सुधार नही हो रहा था एवं मरीज बेहोशी की स्थिति में चली गई, इसलिए मरीज तुरन्त को वेन्टीलेटर पर रखा गया और इंजेक्शन एन्टी स्नैक वेनम का अतिरिक्त डोज दिया गया जिससे साँप के जहर के असर को रोका जा सके। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्ताओं के निरन्तर प्रयासों के बाद मरीज की हालत में सुधार होने लगा। 11 अगस्त को मरीज ने अपना हाथ पैर हिलाया एवं बात करने की कोशिश की। मरीज के हालत में सुधार को देखते हुए 12 अगस्त को सुबह 11 बजे मरीज को वेन्टीलेटर से हटा दिया गया। मरीज की स्थिति में पहले से बहुत अधिक सुधार हो गया है एवं अब वह सबसे बातचीत कर रही है। शहीद अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शैबाल जाना एवम उनकी चिकित्सक टीम से बात करने पर उन्होनें बताया कि बैगा एवं झाड़फुक में समय खराब न कर अगर मरीज को साँप काट देने के तुरंत बाद अस्पताल लाया जाता तो मरीज की हालत इतनी गंभीर नही होती। आप सभी से अनुरोध है कि आप ऐसी गलती न करें। ऐसा कुछ भी होने पर तुरंत अस्पताल ले जाऐं । ये होते हैं खतरे के लक्षण:-1. पेट में दर्द / उल्टी 2. सांस लेने में तकलीफ 3. आंख न खोल पाना। 4. बात करने में तकलीफ 5. सांप काटने की जगह असहनीय दर्द होना 6. सांप के काटने के बाद खुन बहना 7. सांप के काटे गए स्थान पर अत्याधिक सूजन 8. सुबह में कोई बेहोश स्थिति में मिलना सर्पदंश के बाद क्या करें……..?1. तुरन्त अस्पताल ले जावें 2. सर्पदंश के स्थान को कम हिलावें ज्यादा हिलानें से जहर फैल जाएगा एवं हाथ / पैर किसी छाता या लकड़ी से स्थिर कर दें।क्या न करें……?1. डरना नही है। उचित समय सही ईलाज से जान बच जाती है। 2. साँप को न मारे। 3. साँप के कांटे स्थान पर रस्सी न बांधे । 4. साँप के कांटे स्थान पर खून चुसना न करें। 5. सदैव ध्यान रखें अधिकतर सर्पदंश बिना जहरीले सर्प के कारण होते है।Post navigationनगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 8 में 10 लाख की लागत से होने वाले मुस्लिम समाज के सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष शिबू नायर ने किया। लौह नगरी दल्ली राजहरा की तीन यूनियनों ने छत्तीसगढ़ राज्य शासनकी बिजली बिल हाफ योजना का लाभ आईओसी राजहरा में टाउनशिप निवासियों को देने प्रबंधक के सामने मांग रखी!