भास्कर न्यूज़ 24/ वीरेंद्र भारद्वाज/दल्लीराजहरा-कुसुमकसा।ली। जनसेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। इसी भावना का परिचय देते हुए कुसुमकसा क्षेत्र के जनसेवक संजय बैस ने ग्राम पंचायत धुरवाटोला के 22 तेंदूपत्ता श्रमिक परिवारों की दीपावली खुशियों से भर दी। पिछले पांच महीनों से साइबर सेल में होल्ड पड़ी मजदूरों की मेहनत की कमाई 4 लाख 6 हजार 725 रुपये को उनके प्रयासों से महज 10 दिनों के भीतर रिलीज करा दिया गया। लंबे समय से अपनी ही मजदूरी के लिए परेशान श्रमिकों को दीपावली से पहले बड़ी राहत मिली।

 

यह था पूरा मामला-

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम धुरवाटोला के 22 ग्रामीण भानुप्रतापपुर क्षेत्र में तेंदूपत्ता परिवहन के दौरान लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य करने गए थे। मजदूरों ने कुल 32 गाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग का काम किया था। इसके एवज में ठेकेदार द्वारा 17 जुलाई 2026 को मजदूरी की कुल 5 लाख 81 हजार रुपये की राशि महेंद्र सिंह दर्रो के भारतीय स्टेट बैंक राजहरा स्थित खाते में जमा कराई गई थी।

मजदूरों ने आवश्यकता पड़ने पर 50 हजार रुपये निकालकर आपस में बांट लिए, लेकिन शेष 4 लाख 6 हजार 725 रुपये की राशि निकालने के लिए जब वे बैंक पहुंचे तो उन्हें पता चला कि साइबर सेल पटना द्वारा खाते को होल्ड कर दिया गया है। इसके बाद मजदूरों की परेशानी बढ़ गई। खाते में मेहनत की कमाई जमा होने के बावजूद वे अपनी जरूरतों के लिए राशि नहीं निकाल पा रहे थे। पिछले पांच महीनों से बैंक और संबंधित कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। दीपावली नजदीक आने के साथ ही श्रमिक परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही थी।

मजदूरों की फरियाद पर संजय बैस ने संभाली जिम्मेदारी

लगातार प्रयासों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर सभी श्रमिकों ने जनसेवक संजय बैस से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई। मजदूरों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए संजय बैस ने तत्काल पहल शुरू की। उन्होंने सबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक राजहरा के शाखा प्रबंधक से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद बालोद साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य से लगातार संपर्क और समन्वय स्थापित किया। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में भी शिकायत दर्ज कराकर मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रयास किया।

संजय बैस के निरंतर प्रयासों तथा बालोद साइबर सेल के सहयोग से आखिरकार 10 दिनों के भीतर खाते से होल्ड हटाया गया और मजदूरों की 4 लाख 6 हजार 725 रुपये की पूरी लंबित राशि उन्हें प्राप्त हो गई।

राशि मिलते ही मजदूरों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

पांच महीने से अपनी मेहनत की कमाई के लिए परेशान श्रमिकों को जब राशि वापस मिली तो उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। मजदूर विशाल ठाकुर ने भावुक होकर बताया कि हम लोगों ने 32 गाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग का काम किया था। मजदूरी खाते में आने के बाद भी साइबर होल्ड के कारण हम अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे थे। पांच महीने से परेशान थे और दीपावली कैसे मनाएंगे, इसकी चिंता सता रही थी। संजय बैस भैया ने हमारी परेशानी समझी और मात्र 10 दिनों में हमारी पूरी होल्ड राशि दिलवा दी। इसके लिए हम सभी मजदूर उनके आभारी हैं।

संजय बैस बोले- मजदूरों की मेहनत की कमाई उन्हें समय पर मिलना जरूरी

इस संबंध में संजय बैस ने कहा कि गरीब, किसान और मजदूर हमारे समाज की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत की कमाई किसी तकनीकी या साइबर संबंधी कारण से महीनों तक अटकी रहे, यह बेहद पीड़ादायक है। इन श्रमिक परिवारों की परेशानी को देखते हुए मेरा प्रयास था कि दीपावली से पहले इनकी मेहनत की कमाई इन्हें वापस मिल जाए, ताकि इनके घरों में भी खुशियों का दीप जल सके। इस कार्य में सहयोग के लिए मैं बालोद साइबर सेल की पूरी टीम तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित जनहितैषी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का आभार व्यक्त करता हूं।

जरूरतमंदों की मदद के लिए लगातार सक्रिय हैं संजय बैस

उल्लेखनीय है कि संजय बैस क्षेत्र में जनसमस्याओं के निराकरण और जरूरतमंदों की सहायता के लिए लगातार सक्रिय रहते हैं। हाल के दिनों में भी उन्होंने ग्राम केलेकोड में तीन वर्षों से लंबित लगभग 3 लाख रुपये के तेंदूपत्ता दुर्घटना बीमा प्रकरण के निराकरण में पहल की। वहीं पेंडरवानी में 1 लाख 40 हजार रुपये तथा पाटरी में 50 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामलों में से 37 हजार रुपये की राशि वापस दिलाने में भी सहयोग किया।

धुरवाटोला के 22 मजदूर परिवारों को दीपावली से पहले उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना क्षेत्र में जनसेवा और संवेदनशील पहल की एक सराहनीय मिसाल बन गया है।

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By वीरेन्द्र भारद्वाज

चीफ़ एडिटर, भास्कर न्यूज़ 24

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