भास्कर न्यूज़ 24 /वीरेंद्र भारद्वाज /दल्ली राजहरा। नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू जी के जन्मदिन के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू एवं टिकेश्वसाहू ने उन्हें पौधा भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू एवं टिकेश्वर साहू ने नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू से दल्ली राजहरा क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं नियमित रखरखाव की दिशा में विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि दल्ली राजहरा एवं आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोतों का महत्वपूर्ण भंडार मौजूद है। लेकिन उचित देखरेख, संरक्षण एवं जागरूकता के अभाव में कई प्राकृतिक जल स्रोत धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं। जल स्रोत केवल पानी उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे पेड़-पौधों, वन्यजीवों, पक्षियों और मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्राकृतिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल संरक्षण, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने तथा उनके आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए नगर पालिका एवं आम नागरिकों की सहभागिता से विशेष अभियान चलाया जाना आवश्यक है।
जंगलों का संरक्षण जरूरी : प्रदीप साहू
पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा कि दल्ली राजहरा वनों से घिरा हुआ क्षेत्र है और यहां के जंगल इस क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान हैं। जंगलों का लगातार कम होना केवल पेड़ों की संख्या में कमी नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव वन्यजीवों और पूरे पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास और भोजन के स्रोत प्रभावित होते हैं, तो कई बार जंगली जानवर भोजन एवं सुरक्षित स्थान की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आने लगते हैं। इसलिए वन्यजीवों को शहर से दूर रखने के लिए केवल उन्हें भगाना समाधान नहीं है, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास, जंगल और जल स्रोतों को सुरक्षित रखना आवश्यक है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि जंगलों को नुकसान न पहुंचाएं, पेड़ों की कटाई न करें और वन क्षेत्र में आग लगाने जैसी गतिविधियों से बचें। यदि कोई व्यक्ति आसपास के जंगलों को नुकसान पहुंचाता है तो समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में उसका विरोध करते हुए संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देने में सहयोग करना चाहिए।
वन्यजीवों की रक्षा केवल वन्य प्राणी सप्ताह तक सीमित न रहे।
इस अवसर पर टिकेश्वर साहू ने कहा कि वर्तमान में वन्य प्राणी सप्ताह के माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लेकिन वन्यजीवों की रक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता केवल वन्य प्राणी सप्ताह तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमारे पर्यावरणीय तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जिस प्रकार मनुष्य प्रकृति पर निर्भर है, उसी प्रकार जंगल और वन्यजीव भी एक-दूसरे पर निर्भर हैं। जंगलों में रहने वाले छोटे-बड़े सभी जीव प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
टिकेश्वर साहू ने कहा कि वन्यजीवों को बचाने के लिए उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना, जंगलों में पानी एवं भोजन की उपलब्धता बनाए रखना और मानव गतिविधियों से उनके आवास को होने वाले नुकसान को कम करना जरूरी है। इसके लिए केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी वन्यजीव का शहर या आबादी क्षेत्र में आना दिखाई दे तो उसे नुकसान पहुंचाने या डराने के बजाय वन विभाग को सूचना देकर सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा है।
खाद्य श्रृंखला का संतुलन जरूरी
पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने कहा कि प्रकृति में प्रत्येक जीव की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। छोटे जीवों से लेकर बड़े वन्यजीवों तक सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किसी एक प्रजाति की संख्या में अत्यधिक कमी या वृद्धि होने पर इसका प्रभाव पूरे पारिस्थितिक तंत्र पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला का संतुलित रहना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए मनुष्य को अपने विकास के साथ-साथ जंगल, जल, जमीन, पेड़-पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश
प्रदीप साहू एवं टिकेश्वर साहू ने कहा कि जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों को केवल व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखते हुए पौधारोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। इसी उद्देश्य से नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
उन्होंने कहा कि एक पौधा आने वाले वर्षों में वृक्ष बनकर मनुष्य, पक्षियों और अन्य जीवों को आश्रय प्रदान कर सकता है। इसी तरह एक सुरक्षित जंगल अनेक वन्यजीवों का घर होता है और एक संरक्षित जल स्रोत पूरे पारिस्थितिक तंत्र के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।
इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू एवं टिकेश्वर साहू ने नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू से दल्ली राजहरा के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीवों के संरक्षण एवं जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाने का आग्रह किया।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि जल, जंगल, जमीन और वन्यजीवों की रक्षा को केवल किसी विशेष दिवस या सप्ताह तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाएं।
प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

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By वीरेन्द्र भारद्वाज

चीफ़ एडिटर, भास्कर न्यूज़ 24

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