भास्कर न्यूज24/वीरेन्द्र भारद्वाज/ दल्लीराजहरा । सोमवार को नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में अध्यक्ष शिबू नायर के खिलाफ भाजपा के द्वारा लाया गया अविश्वास का प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। जिला कलेक्टर के द्वारा भाजपा पार्षदों के दिए गए आवेदन पर 19 फरवरी को स्थानीय नगर पालिका में सुबह 11 बजे का समय चुनाव कार्रवाई हेतु दिया गया था। जिसमें एसडी एम सुरेश साहू को पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा की सरकार बने महज ढाई माह हुआ है। जिसमे नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में विगत 4 वर्षो से अध्यक्ष पद में काबिज कांग्रेस के शीबू नायर के विरुद्ध भाजपा के पदाधिकारियों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने का जोर शोर प्रयास किया था। सुबह 11 बजे चुनाव की प्रकिया शुरू की गई और 12.30 बजे तक रिजल्ट घोषित किया गया। जिसमें भाजपा 11 मत एवम कांग्रेस को 11 मत मिले।वर्तमान में कुल 27 पार्षद है । वार्ड क्रमांक 23 व 8 के पार्षद बाहर होने की वजह से अपना मत का प्रयोग नही कर पाए । तो वही किये गए 3 मत निरस्त हुये। यदि पूरे 27 पार्षद की उपस्थिति रहती तो भाजपा को कांग्रेस के नगर पालिका अध्यक्ष को हटाने 18 मत की आवश्यकता होती। इस प्रकार फिर भाजपा को मुके खानी पड़ी। ज्ञात हो कि नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के चुनाव दिसम्बर 2023 में भाजपा को कुल 13 मत मिले थे और भाजपा के दो पार्षद निर्दलीय चुनाव जीतकर आये थे इस प्रकार भाजपा के पास कुल 15 पार्षदों की संख्या मौजूद थी। जबकि वर्तमान समय मे भाजपा को महज 11 मत मिले। इसके पहले नगर पालिका के अध्यक्ष चुनाव 6 जनवरी 2020 में भाजपा को क्रॉस मतदान से हार का सामना करना पड़ा था।नगरवासियों में चर्चा का विषय यह बना हुआ है कि नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में अध्यक्ष पद हेतु लाये गए अविश्वास प्रस्ताव में पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओ की बात न मानते हुए अपनी मनमानी से जल्दबाजी और बिना किसी तैयारी के अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। वही नगर के वरिष्ठ नेताओं को भी इसके लिए नही पूछा गया और न ही कोई सलाह ली गई। जिसका खामियाजा हार का सामना करना पड़ा है। नगर में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि स्थानीय भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं में एकजुटता की कमी दिखाई दी ।

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By वीरेन्द्र भारद्वाज

चीफ़ एडिटर, भास्कर न्यूज़ 24

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